सपने देखे नही जिए जाते हैं...यही सोचकर मीडिया में आई...और सपनों की हकीकत से रुबरू हो रही हूं...बिहार के कस्बाई शहर मुज़फ्फरपुर से हुं...लिखने का शौक बचपन से रहा है...अब तक कविता की दुनिया ही शब्दों के ताने-बाने से सफेद पन्नों पर उकेरी...पहली बार ब्लॉग की दुनिया में क़दम रख रही हूं.
fir abhi tak kuchh kaha kyon nahi...
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